Shootout @ Begusarai: 2 मास्टरमाइंड... 4 शूटर्स, 'बॉस' की एक गलती और हो गया बड़ा खुलासा
बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय में 13 सितंबर की शाम हुए से बिहार ही नहीं देश में चर्चा का विषय बन गया था। हालांकि पुलिस ने इस कांड में वैज्ञानिक अनुसंधान के तहत तीन दिनों के अंदर ना सिर्फ मामले का खुलासा किया बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ साक्ष्य जमा करते हुए घटना में शामिल दो बदमाश को गिरफ्तार किया। वहीं घटना में साजिशकर्ता और लाइनर की भूमिका निभा रहे दो बदमाशों को भी गिरफ्तार करने में सफल रही है। पुलिस का दावा है कि इस कांड में आरोपियों की गिरफ्तारी ना सिर्फ प्रोफेशनल ढंग से की गई बल्कि जिन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, उनके खिलाफ साइंटिफिक एविडेंस कोर्ट में केस को मजबूत करेगा। मोबाइल सर्विलांस ने खोली चुनचुन की पोल गोलीकांड का साजिशकर्ता के रूप गिरफ्तार चुनचुन कितना शातिर है, इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि उसी ने पुलिस को हमलावारों का सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराया था। वह दो दिनों तक पुलिस के साथ ही उनके अनुसंधान में भी रहा था, लेकिन जब मोबाइल सर्विलांस की टीम ने कॉल डाटा डंप निकाला तो चुनचुन उर्फ बॉस की संलिप्तता सामने आ गई। चुनचुन इसीलिए कैमरा के सामने था ताकि उस पर किसी को शक न जाए। चुनचुन का भतीजा है केशव कुमार उर्फ नागा जानकारी के अनुसार, केशव उर्फ नागा चुनचुन का भतीजा लगता है। वह भी कम उम्र का बड़ा शातिर है। केशव आर्म्स एक्ट समेत दो मामले में वह पहले भी जेल जा चुका है, वह भी खुद बाइक पर नहीं था। जानकारी के अनुसार, वह भी मोबाइल से ही शूटआउट में शामिल बदमाशों के संपर्क में था। पुलिस के अनुसार, एक बाइक को युवराज चला रहा था जबकि सुमित पीछे बैठा था। जबकि दूसरे बाइक को प्रिंस उर्फ गोल्डी चला रहा था जबकि नीतीश फायरिंग कर रहा था। नीतीश कुमार भी हिस्ट्री शिटर अपराधी है। उसकी तलाश एसटीएफ को भी है। फिलहाल ये दोनों अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। घटना के बाद आकर आराम से घर में था सुमित और युवराज एनएच-28 से लेकर एनएच- 31 तक 30 किलोमीटर में दहशत मचाने के बाद दोनों बाइक पर सवार हमलवार सिमरिया से पटना की तरफ भागने की बजाये सिमरिया पुल से नीचे उतरकर बिंद टोली की तरफ से ग्रामीण सड़कों से होते हुए वापस अपने घर आ गए थे। घरवालों को शक नहीं हो इसके लिए युवराज जो येलो शर्ट पहने था, उसने अपनी शर्ट सुमित के घर में ही छोड़ दिया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। इस पूरे मामले मे युवराज ने गिरफ्तारी के बाद सारे राज पुलिस के सामने खोले थे। इस मामले मे अभी नीतीश और प्रिंस फरार है। नीतीश की कई गर्लफ्रेंड है और वो मौज मस्ती के लिए ही अपराध करता है। अब तक के अनुसंधान में जो बातें सामने आयी है, उसके अनुसार, इस वारदात को अंजाम देने का मकसद इलाके मे खौफ जमाना था, ताकि इनके नाम का दहशत हो। इसलिए इन बदमाशों ने घटना के दौरान अपने चेहरे को नहीं ढंका था और खुलेआम एनएच पर फायरिंग करते रहं। पुलिस ने इनके पास से जो मोबाइल बरामद किए हैं, उसमे हथियारों से लेकर शराब की खरीद बिक्री तक के सबूत मिले हैं। इसलिए उनके मोबाइल की जांच के लिए फॉरेंसिक लैब में भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार, घटना के दिन भी इलाके मे इनकी शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई थी। यह गिरोह तेजी से अपने गिरोह का दबदबा कायम करना चाहता था। पहली बार जांच में इस्तेमाल हुए थ्री डी लेजर कैमरा बेगूसराय कांड में फॉरेंसिक की टीम ने थ्री डी लेजर कैमरे का इस्तेमाल पांच घटना स्थल पर सिन को रिक्रिएशन में किया था। जहां फायरिंग की घटना हुई थी, इस जांच के दौरान खाली कारतूस भी बरामद किया गया था। युवराज के पास से मिले हथियार और घटनास्थल से मिले खोखा और घायलों को लगी गोली का भी मिलन किया जाएगा। एसपी योगेंद्र कुमार के अनुसार, युवराज और सुमित एक ही बाइक पर सवार थे और दोनों ने पिस्टल से फायरिंग की थी। योगेंद्र कुमार ने कहा कि घटना से पहले और घटना के वक्त इन बदमाशों से कई लोगों ने बात की थी उसकी भी जांच की जा रही है कि इस साजिश के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। गौरतलब है कि मंगलवार शाम दो बाइक पर सवार चार अपराधियों ने बेगूसराय जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 30 किलोमीटर तक गोलीबारी की थी, इसमें एक शख्स की मौत हो गई और 9 अन्य घायल हुए थे। इस घटना को लेकर जमकर सियासत भी हो रही है। बेगूसराय सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।
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